नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब का स्वर्ण जयंती समारोह: एक ऐतिहासिक आयोजन


नैनीताल समाचार
October 7, 2018

प्रमोद साह 

29-30 सितम्बर 2018 को हरमिटेज भवन (कुमाऊँ विश्वविद्यालय) नैनीताल में नैनीताल पर्वतारोहण क्लब का स्वर्ण जयन्ती समारोह (1968-2018)बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस ऐतिहासिक समारोह के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा थे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन, नई दिल्ली के अध्यक्ष कर्नल एच. एस. चैहान द्वारा की गई। कार्यक्रम में देश के नामचीन माउंटेनियरों ने हिस्सा लिया। इनमें सात बार एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने वाले पùश्री लवराज सिंह धर्मशक्तू, ‘मदर आफ माउंटेनियर्स’ कही जाने वाली चंद्रप्रभा एतवाल, हर्षवंती बिष्ट, 1993 में एवरेस्ट समिट करने वाली सुमन कुटियाल, 1992 में बिना ऑक्सीजन के एवरेस्ट पर पहुंचने वाले मोहन सिंह गुंजियाल, एवरेस्टियर सुबोध चन्दोला, एवरेस्ट पर पहुंचने वाली नैनीताल की बहू तुसी अनित शाह, दिल्ली माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के मुरारी लाल, माउंटेनियर के. सरस्वती, विजया पंत, वी. एस.मनी अनित साह, सुन्दर सिंह मर्तोलिया आदि प्रमुख थे। इन नामचीन पर्वतारोहियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसके अतिरिक्त शहर के प्रबुद्ध नागरिक एवं छात्रों ने भी बड़ी उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजीव शर्मा ने अपने उद्बोधन में स्वयं के पर्वतीय राज्य (हिमाचल प्रदेश) का निवासी होने पर गर्व महसूस करने की बात कही और यह भी कहा की प्रकृति की सुंदरता हमें दिया गया प्रकृति का एक तोहफा है। इसे बचाए रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके द्वारा माउंटेनियरिंग को एक विशेष एडवेंचर स्पोर्ट्स बताते हुए यह उल्लेख किया गया कि माउंटेनियर्स ने देश-दुनिया का ध्यान पहाड़ों की तरफ खींचा है, जिससे पहाड़ों के प्रति लोगों में उत्सुकता और जागरूकता बढ़ी है। इससे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी सुधार हुआ है, लेकिन इन सब गतिविधियों को करते हुए हमें पर्यावरण की सुरक्षा के अपने व्यक्तिगत दायित्व से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। न्यायमूर्ति शर्मा द्वारा संस्था के संस्थापक स्वर्गीय चंद्र लाल साह ठुलघरिया का भी भावपूर्ण स्मरण किया गया। सत्र के अध्यक्ष इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के अध्यक्ष कर्नल एच. एस. चैहान, जो स्वयं भी एक उच्च कोटि के माउंटेनियर हैं और वर्ष 2011 से देश में माउंटेनियरिंग तथा एडवेंचर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित और नियंत्रित करने वाली सर्वोच्च संस्था आई.एम.एफ जो के प्रेसिडेंट हैं, ने अपने उद्बोधन में कहा कि नैनीताल माउंटनियरिंग क्लब का बहुत ही गौरवशाली इतिहास रहा है। जब देश में माउंटनियरिंग के क्षेत्र में बहुत कम संस्थाएं थीं, तब इस संस्था ने देश और दुनिया को बहुत प्रतिभावान माउंटेनियर्स दिए। माउंटेनियरिंग को रोजगारपरक बनाए जाने में भी नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। यह सब नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब के संस्थापक स्व. चंद्र लाल साह जी की दूरदर्शी सोच के कारण ही संभव हो सका। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि कोई भी संस्था तब ही तरक्की करती है जब उसका संगठनात्मक ढांचा बहुत मजबूत और वैज्ञानिक हो। उन्होंने संस्था के वर्तमान अध्यक्ष अनूप साह का आह्वान किया कि इस समारोह के बाद नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब की गतिविधियों की समीक्षा कर नए रूप से संगठनात्मक आधार पर विस्तार देने और आर्थिक तौर पर मजबूत करने की कोशिश करें। ताकि आने वाले समय की चुनौतियों का नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब बेहतर तरीके से मुकाबला कर सके।

एन.टी.एम.सी. के संस्थापक, स्वप्नदृष्टा श्री चंद्र लाल साह ठुलघरिया ‘बुज्यू’ के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रदीप पांडे द्वारा प्रकाश डालकर उन्हें आधुनिक नैनीताल का निर्माता बताया गया। उन्होंने कहा कि बुज्यू जो सोचते थे, वह स्थानीयता की सीमा पार कर राष्ट्रीय अथवा अंर्तराष्ट्रीय स्तर का होता था। उनके द्वारा पचास के दशक में फिल्म सोसाइटी बना कर नैनीताल में फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। रोटरेक्ट क्लब में मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिलवाया गया, जिसके परिणामस्वरूप नैनीताल में मोमबत्ती उद्योग ने जड़ें जमायीं। मौनपालन, स्काउट तथा पर्यावरण संरक्षण में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

सुश्री चंद्रप्रभा एतवाल ने नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब से अपनेे पुराने संबंधों को याद किया। लवराज सिंह धर्मशक्तू ने कहा कि एन.टी.एम.सी. का पर्वतारोहण में बड़ा नाम रहा है। इसके पास बहुत विस्तृत तथा हर वैरायटी का अभ्यास करने के लिए ट्रेनिंग एरिया है। इसके प्रशिक्षक बहुत उच्च कोटि के तथा आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। निजी स्तर पर संचालित संस्थाओं में नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब निश्चित रूप से देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था है। भविष्य में क्लब के सहयोग के लिए मुझसे जो भी सहयोग मांगा जाएगा मैं अपने स्तर से हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर रहूंगा। एन.टी.एम.सी. के सचिव राजेश साह द्वारा क्लब की प्रगति आख्या तथा भविष्य में एन.टी.एम.सी. की कार्य योजना को पटल के समक्ष रखा और सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर क्लब के 50 साल के सफर को समर्पित स्मारिका ‘नन्दा’ का भी व विमोचन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान क्लब के अध्यक्ष अनूप साह जो अन्तर्राष्ट्रीय स्तर परं ख्यातिलब्ध फोटोग्राफर भी हैं, के द्वारा विगत 50 वर्ष के अभियान के दौरान खींचे गए महत्वपूर्ण फोटोग्राफ्स का स्लाइड शो के माध्यम से प्रदर्शन किया, जो रोमांचक तथा संस्था के अभियानों का एक जीवंत चलचित्र था।

दूसरे सत्र में अतिथि पर्वतारोही ‘पहाड़ों के प्रति मेरी रुचि कैसे जगी’ विषय के अन्तर्गत विभिन्न स्कूलों के बच्चों से रूबरू हुए। यह सत्र बहुत रोचक तथा शानदार रहा, जिसमें छात्रों को माउंटेनियरिंग तथा एडवेंचर के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए माउंटेनियर्स द्वारा प्रेरित किया गया। इस दिशा में आने वाली चुनौतियों तथा इस प्रकार के एडवेंचर्स कोर्स का छात्रों के व्यक्तित्व मे पढ़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया गया।

स्वर्ण जयन्ती समारोह के दूसरे दिन, दिनांक 30 सितंबर को पूर्वान्ह मंे बारापत्थर स्थित एन.टी.एम.सी. के ट्रेनिंग एरिया में रॉक क्लाइंबिंग, रेस्क्यू ऑपरेशन, रिवर क्रॉसिंग, रैपलिंग आदि माउंटेनियरिंग के बेसिक्स का बहुत शानदार प्रदर्शन एन.टी.एम.सी के इंस्ट्रक्टर तथा कैडेट्स ने दिया। समापन सत्र मे ‘मंजिलें और भी हैं‘ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी माउंटेनियर्स ने एकमत से यह सहमति व्यक्ति की कि जब समय बहुत कठिन था, तब नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब ने बहुत कम संसाधनों के बावजूद माउंटेनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया था। अब 50 वर्ष बाद इस क्लब की गरिमा के अनुरूप इसे अब और नई ऊंचाइया दी जानी है। नई ऊंचाई देने का एक ही सूत्र है कि क्लब के मूल उद्देश्य, संकल्प तथा आर्थिक गतिविधियों के बीच में बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जाए। क्लब के ढांचे को मजबूत किया जाए तथा लगातार प्रशिक्षण की गतिविधियां जारी रहें। इसके लिए मार्केटिंग टीम बनाकर तराई क्षेत्र के उद्योगों, विद्यालयों तथा अन्य एडवेंचर्स से संपर्क कर वर्षभर नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब में माउंन्टेनियरिंग की गतिविधियां जारी रहें, ऐसे प्रयास किए जाएं। इसी सत्र में सभी पर्वतारोहियों को एन.टी.एम.सी. की ओर से प्रतीक चिन्ह भी भेंट किये गये।

अंत में नैनीताल माउंटेनियरिंग क्लब के उपाध्यक्ष जे. सी. ढोंडियाल ने कार्यक्रम मे विशेष सहयोग के लिए राजीव लोचन साह, हरीश पंत, थ्रीश कपूर, योगेश साह, रमेश मेहरा, हरीश बिष्ट, अक्षोभ सिंह आदि सहित सभी अतिथियों का आभार प्रकट कर नई दिशा और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का संकल्प लेने के साथ ही नैनीताल माउन्टेनरिंग क्लब के इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती समारोह का समापन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद साह द्वारा किया गया।

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