Category Archives: Sampadikya

बस दुर्घटना का मुद्दा आतंकवाद जैसा बड़ा नहीं बनता

  एक जुलाई को धुमाकोट (जनपद पौड़ी) के पास एक भीषण बस दुर्घटना में 48 लोग काल कवलित हो गये। इनमें 22 पुरुष, 16 महिलायें और 10 बच्चे थे। उत्तराखंड में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में जितने व्यक्ति मरते हैं, देश भर में कुल मिला कर आतंकवादी घटनाओं में नहीं मरते। परन्तु यह मुद्दा आतंकवाद […]

महत्वपूर्ण घटना है किम और ट्रम्प के बीच समझौता

यह घटना रेखांकित करती है कि इस तनावग्रस्त और उन्माद से भरी दुनिया में अभी भी विवेक के लिये कुछ स्थान बचा हुआ है। एक परमाणु युद्ध की आशंका से हम फिलहाल बाहर निकल आये हैं, मगर इससे भी आगे इसने एक उम्मीद को मजबूत किया है। डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोन उंग, दोनों की […]

आज की लड़ाई के सूत्र इतिहास में हैं

88 वर्ष पूर्व इसी दिन टिहरी रियासत के कारिन्दों ने रवाईं-जौनपुर में, यमुना के तट पर तिलाड़ी के मैदान पर अपनी माँगों को लेकर जनसभा कर रहे निहत्थे किसानों को गोली चला कर भून डाला था। ये किसान टिहरी के राजा द्वारा दिन पर दिन अनापशनाप टैक्स लादे जाने से परेशान थे। मगर उनकी न्यायपूर्ण […]

एक काबिल जज के साथ अन्याय

हमारे एक काबिल न्यायाधीश के साथ बहुत अधिक ज्यादती की जा रही है। मगर हमारी चिन्ता यह है कि इस मामले में कोई गुस्सा या नाराजी उत्तराखंड में परिलक्षित नहीं हो रही है। उत्तराखंड की बार काउंसिल और बार एसोसिएशन का इस मामले में होठ सिये रहना बेहद रहस्यपूर्ण लग रहा है। न्यायपालिका में अजीबोगरीब […]

जहरीली हो गयी है देश की हवा

  कुछ ही समय में पूरे देश की फिजाँ बदल गई है। दिसम्बर 2012 में दिल्ली में एक युवती के साथ चलती हुई बस में बलात्कार हुआ था तो पूरे देश में तूफान आ गया था। दिल्ली तो हफ्तों तक गम, गुस्से और प्रतिरोध में उबलती रही थी। उस वक्त पूरा देश इस पाशविकता के […]

कहाँ गया ​चिपको

गूगल ने तो इसे चमोली जनपद के रैणी गाँव में गौरा देवी के नेतृत्व में वर्ष 1973 में हुए ‘अहिंसक’ प्रतिरोध से ही जोड़ा है। ‘चिपको’ को लेकर इन पिछले सालों में ऐसी समझ बना दी गई है कि यह पर्यावरण का आन्दोलन था। मगर उसे नजदीक से जानने वाले लोग बता सकते हैं कि […]

इन चुनावों के निहितार्थ

अब गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा की पराजय से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तिलिस्म टूटने लगा है और योगी आदित्यनाथ द्वारा उनका उत्तराधिकार प्राप्त करने की संभावनायें कमजोर पड़ गयी हैं। सबसे बड़ा प्रान्त होने के नाते उत्तर प्रदेश देश की राजनीति की दिशा तय करता है। इसलिये गोरखपुर […]

अंधविश्वास बढ़ाते मंत्री-विधायक

  नवीन जोशी राजनीति में दिमागी दीवालियेपन के उदाहरण कम नहीं मिलते. भाजपा के अखिल भारतीय उभार के बाद तो ऐसे उदाहरणों की कमी न रही. जब प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ही यह कहते हों कि भगवान गणेश का किस्सा यह साबित करता है कि उस जमाने में हमारे देश में प्लास्टिक सर्जरी बहुत उन्नत थी […]

घोटाले तो होंगे ही

  पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11,000 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब रोटोमैक पैन वाले कोठारी का चार हजार करोड़ का घोटाला सामने आया है। जिन्हें यह उम्मीद थी कि कांग्रेस का सत्तर साल का कुशासन अब खत्म हो गया है, टू-जी और कोयला ब्लाॅक जैसे घोटाले अब नहीं होंगे, क्योंकि मोदी जी […]

बैंक घोटाला और प्रतिक्रिया

दरअसल आर्थिक उदारीकरण के इस दौर में जब देश की राजनीति लगातार केन्द्रीकृत होती चली जा रही हो, आर्थिक घोटाले होना बहुत स्वाभाविक हैं। ये घोटाले राजनैतिक रूप से शक्तिशाली लोगों की मदद के बगैर हो ही नहीं सकते। अब तक ऐसे घोटालों में सत्ताधारी दल अपना बचाव तो करता था, मगर काफी शर्म और […]