Category Archives: Sampadikya

शमशेर बिष्ट का जाना

शमशेर सिंह बिष्ट का जाना एक बहुत बड़ी दुर्घटना है। आजादी के बाद सक्रियता शुरू करने वाले लोगों में शमशेर सिंह बिष्ट अपने ढंग के अकेले राजनीतिक कार्यकर्ता थे और जिस तरह की परिस्थितियाँ फिलहाल हैं, लगता नहीं कि उनके द्वारा खाली किये गये स्थान की पूर्ति जल्दी हो पायेगी। 1972 में अल्मोड़ा छात्रसंघ के […]

अब इमरान की बारी

क्रिकेट के सर्वकालिक महान आॅल राउण्डरों में से एक, इमरान खान के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद तक पहुँचने के साथ ही भारतीय उप महाद्वीप के भू राजनैतिक परिदृश्य में एक बड़ा बहुत बड़ा बदलाव आया है। 1996 में ‘पाकिस्तान तहरीके इन्साफ’ पार्टी के साथ अपने राजनीति की शुरूआत करने वाले इमरान के लिये यह रास्ता […]

बस दुर्घटना का मुद्दा आतंकवाद जैसा बड़ा नहीं बनता

  एक जुलाई को धुमाकोट (जनपद पौड़ी) के पास एक भीषण बस दुर्घटना में 48 लोग काल कवलित हो गये। इनमें 22 पुरुष, 16 महिलायें और 10 बच्चे थे। उत्तराखंड में प्रति वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में जितने व्यक्ति मरते हैं, देश भर में कुल मिला कर आतंकवादी घटनाओं में नहीं मरते। परन्तु यह मुद्दा आतंकवाद […]

महत्वपूर्ण घटना है किम और ट्रम्प के बीच समझौता

यह घटना रेखांकित करती है कि इस तनावग्रस्त और उन्माद से भरी दुनिया में अभी भी विवेक के लिये कुछ स्थान बचा हुआ है। एक परमाणु युद्ध की आशंका से हम फिलहाल बाहर निकल आये हैं, मगर इससे भी आगे इसने एक उम्मीद को मजबूत किया है। डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोन उंग, दोनों की […]

आज की लड़ाई के सूत्र इतिहास में हैं

88 वर्ष पूर्व इसी दिन टिहरी रियासत के कारिन्दों ने रवाईं-जौनपुर में, यमुना के तट पर तिलाड़ी के मैदान पर अपनी माँगों को लेकर जनसभा कर रहे निहत्थे किसानों को गोली चला कर भून डाला था। ये किसान टिहरी के राजा द्वारा दिन पर दिन अनापशनाप टैक्स लादे जाने से परेशान थे। मगर उनकी न्यायपूर्ण […]

एक काबिल जज के साथ अन्याय

हमारे एक काबिल न्यायाधीश के साथ बहुत अधिक ज्यादती की जा रही है। मगर हमारी चिन्ता यह है कि इस मामले में कोई गुस्सा या नाराजी उत्तराखंड में परिलक्षित नहीं हो रही है। उत्तराखंड की बार काउंसिल और बार एसोसिएशन का इस मामले में होठ सिये रहना बेहद रहस्यपूर्ण लग रहा है। न्यायपालिका में अजीबोगरीब […]

जहरीली हो गयी है देश की हवा

  कुछ ही समय में पूरे देश की फिजाँ बदल गई है। दिसम्बर 2012 में दिल्ली में एक युवती के साथ चलती हुई बस में बलात्कार हुआ था तो पूरे देश में तूफान आ गया था। दिल्ली तो हफ्तों तक गम, गुस्से और प्रतिरोध में उबलती रही थी। उस वक्त पूरा देश इस पाशविकता के […]

कहाँ गया ​चिपको

गूगल ने तो इसे चमोली जनपद के रैणी गाँव में गौरा देवी के नेतृत्व में वर्ष 1973 में हुए ‘अहिंसक’ प्रतिरोध से ही जोड़ा है। ‘चिपको’ को लेकर इन पिछले सालों में ऐसी समझ बना दी गई है कि यह पर्यावरण का आन्दोलन था। मगर उसे नजदीक से जानने वाले लोग बता सकते हैं कि […]

इन चुनावों के निहितार्थ

अब गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा की पराजय से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तिलिस्म टूटने लगा है और योगी आदित्यनाथ द्वारा उनका उत्तराधिकार प्राप्त करने की संभावनायें कमजोर पड़ गयी हैं। सबसे बड़ा प्रान्त होने के नाते उत्तर प्रदेश देश की राजनीति की दिशा तय करता है। इसलिये गोरखपुर […]

अंधविश्वास बढ़ाते मंत्री-विधायक

  नवीन जोशी राजनीति में दिमागी दीवालियेपन के उदाहरण कम नहीं मिलते. भाजपा के अखिल भारतीय उभार के बाद तो ऐसे उदाहरणों की कमी न रही. जब प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ही यह कहते हों कि भगवान गणेश का किस्सा यह साबित करता है कि उस जमाने में हमारे देश में प्लास्टिक सर्जरी बहुत उन्नत थी […]